Sarkari School

Sarkari School

क्या है सरकारी स्कूल का कांसेप्ट ? आखिर sarkarischools.in की आवश्यकता क्यों पड़ी?

sarkari school ->https://www.sarkarischools.in

हमारे देश में मेजोरिटी की संख्या में बच्चे गांव में व सरकारी स्कूलों ( sarkari school ) में पढ़ते हैं आजकल सरकारें विशेष ध्यान सरकारी स्कूल पर भी ध्यान दे रही हैं और जो बुनियादी शिक्षा के लिए जो भी आवश्यकता हो उसकी पूर्ति हो रही है। sarkari school ->https://www.sarkarischools.in

इसी क्रम में हमारा छोटा सा प्रयास है कि हम एक वेबसाइट या माध्यम विकसित करें क्योंकि आजकल गांव में भी इंटरनेट व मोबाइल की पहुंच हो रही है और इस समय आवश्यकता है कि हम बच्चों को उचित सामग्री प्रदान करें जिससे उनका ध्यान अन्य अनावश्यक गतिविधियों पर ना जाएं और वह अपनी शिक्षा को सुचारू रूप से आगे बढ़ाते रहें।

हमारे शिक्षकों को भी नियमित रूप से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है और आज के समय में टेक्नॉलॉजी हमारे बहुत से कार्य को आसान बना देती है तो उसके लिए क्या आवश्यकता है उचित जानकारी संहिता से सबसे पास उपलब्ध हो इस क्रम में हमारी वेबसाइट में शिक्षकों के लिए बहुत सी सामग्री को अपलोड किया जा रहा है जिससे उन्हें दैनिक जीवन में शिक्षा शिक्षण कार्य करते समय परेशानियां कम हुई और आवश्यक गतिविधि व टी एल एम मिल जाए।

Sarkari School वेबसाइट से प्रायोजित लाभ:-

• उपस्थिति:- पूर्व की तुलना में बच्चों की उपस्थिति में काफी वृद्धि होनी चाहिए।

• अधिगम स्तर:- बच्चों के अधिगम स्तर में पूर्व की तुलना से वृद्धि होनी चाहिए।

• आत्मविश्वास :- बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि होनी चाहिए जिससे वह दृढ़ता से अपनी बात रख सकें।

• मन:स्थिति :- अध्यापक बच्चों के मन की स्थिति को परख सके और उसके लिए उसी के अनुसार पाठ योजना बना सके।

• कल्पना शक्ति:- छात्र-छात्राओं को अवसर जिसमें वह स्वच्ता किसी भी विषय वस्तु या पाठ को गहराई से समझे तथा नवीन प्रश्नोत्तर के निर्माण में अपनी कल्पना शक्ति का विकास करें।

• कांसेप्ट मैपिंग:- संपूर्ण पाठ को विभिन्न TLM तथा रोचक ढंग से बच्चों को समझाया जाना चाहिए जिससे उस पाठ से संबंधित सभी तथ्य व जानकारी वह आसानी से समझ सके तथा याद कर सकें।

• आत्मनिर्भर:- नवाचार वह अध्यापक बच्चों को बैसाखी नहीं अपितु स्वतंत्र व आत्मनिर्भर बनाई जिससे वह तत्काल लाभ के साथ-साथ जीवन पर्यंत आचरण विचार तथा शैली के रूप में आत्मसात् कर सकें। 

• प्रतिस्पर्धा:- स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से बच्चों में एक दूसरे से आगे बढ़ने की भावना का विकास हो और वह नवीन जानकारियां जानने के लिए उत्सुक कर रहे। sarkari school ->https://www.sarkarischools.in

• पाठ योजना :- रोचक व तथ्यपूर्ण पाठ योजना के आधार पर बच्चों को संपूर्ण पाठ का ज्ञान बहुत ही शुभम तावा आसानी से कराया जाना चाहिए।

• प्रयोगात्मक:- विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से किसी भी तथ्य या विषय वस्तु को सुगमता वह आसानी से समझाया जा सकता है अतः पाठ को उस किस विषय से आधारित प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को समझाना चाहिए।

• पढ़ने की कला :- बच्चों में पुस्तक को पढ़ने की शैली का विकास हो जिसमें वह पेंसिल के माध्यम से विभिन्न तथ्य व महत्वपूर्ण जानकारी को रेखांकित कर सकें तथा भविष्य में आसानी से पाठ में ढूंढ व याद कर सकें।

• समूह भावना:- बच्चों में समूह भावना का विकास होना चाहिए जिसके माध्यम से वह एकता में शक्ति का पाठ पढ़ सकें तथा जीवन में आत्मसात कर सकें।

• शारीरिक स्वास्थ्य:- विभिन्न क्रिया-कलापों के माध्यम से बच्चों का स्वास्थ्य उत्तम रहना चाहिए।

• मानसिक स्वास्थ्य विद्यालय की वातावरण मैं बच्चों को प्रसन्नता उत्साह तथा उमंग का अनुभव होना चाहिए जिससे वह सर्जनात्मक कार्यों की ओर आगे बढ़े तथा रोचकता के साथ अधिगम और पाठ योजना को तैयार कर सकें।

• व्यावहारिक :- विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से उन्हें किताबी ज्ञान के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान तथा सदाचार व नैतिकता का ज्ञान होना चाहिए जिसे वह जीवन में आत्मसात कर सकें। sarkari school ->https://www.sarkarischools.in

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