Meena Manch ka Gathan | मीना मंच से संबंधित सम्पूर्ण कार्य योजना

मीना मंच का गठन कैसे होता है?

उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली 20 बालिकाए संस्थापक सदस्य होगी। 11-18 आयु वर्ग की विद्यालय जाने वाली तथा न जाने वाली सभी किशोरियों मंच की सदस्य हो सकती है। इसकी कार्यकारिणी में 5 सदस्य होंगे जो संस्थापक सदस्य में से होगें।

मीना मंच का क्या उद्देश्य है?

मीना मंच विद्यालयों में बालिकाओं के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें अपनी बात को खुलकर कहने के लिए अवसर देता है यह बालिकाओं कोशिक्षा से जोड़ने, नियमित विद्यालय आने और लिंग आधारित भेदभाव के प्रति सजग रहने के लिए प्रोत्साहित करता है ।

प्राथमिक स्तर पर मीना मंच की शुरुआत कब हुई?

मीना-एक परिचय :- यूनीसेफ (Unicef) की परिकल्पना एक काल्पनिक कार्टून(cartoon) चरित्र है,जिसकी शुरुआत हुयी। ▷ 1990 में कार्यक्रम ‘मीना मंच‘ की कल्पना। ▷ 1998 में उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा विद्यालयों (KGBV) में, 2019 प्राथमिक स्तर में लागू हुआ ।

मीना का जन्मदिन कब होता है?

मीना का जन्मदिन

बताया कि प्रत्येक वर्ष 24 सितंबर को मीना का जन्मदिन मनाया जाता है। मीना एक काल्पनिक चरित्र है जो बालिकाओं के मुद्दो को समझाने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को सुदृढ़ बनाना है।

मीना मंच से आप क्या समझते हैं?

मीना मंच विद्यालयों में बालिकाओं के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें अपनी बात को खुलकर कहने के लिए अवसर देता है यह बालिकाओं कोशिक्षा से जोड़ने, नियमित विद्यालय आने और लिंग आधारित भेदभाव के प्रति सजग रहने के लिए प्रोत्साहित करता है ।

मीना मंच गठन रजिस्टर

मीना मंच स्लोगन

मीना मंच स्लोगन

मीना की तीन इच्छाएँ क्या हैं ?

मीना मंच पावर एंजेल

पावर एंजेल

मीना मंच में एक बालिका पावर एंजेल भी चुनी जाएगी।
किसी भी दशा में पावर एंजेल बालक नहीं चुना जाएगा ।
पावर एंजेल मीना मंच के 21 सदस्य में से कोई एक अथवा अलग से भी चुनी जा सकती है। यह सुगमकर्ता अपनी स्वेच्छा एवं सुविधा अनुसार तय करेंगे ।
अगर पावर एंजेल मीना मंच के 21 सदस्यों में से ही चुनी जा रही है तो मीना मंच के सदस्यों की संख्या 21 ही रहेगी । यदि मीना मंच के 20 सदस्यों के अतिरिक्त चुनी जा रही है तू मीना मंच के कुल सदस्यों की संख्या 20 + 1 अर्थात 21 हो जाएगी।
Power Angel मीना मंच का अभिन्न हिस्सा है।
पूर्व में पावर एंजेल को मीना प्रेरक कहा जाता था। अब मीना प्रेरक के अधिकार बढ़ गए हैं और अब वही पावर एंजेल है।

मीना सुगमकर्ता ( फैसिलिटेटर)-

मीना मंच को सुविधा ( संसाधन ) युक्त बनाने के उद्देश्य से विद्यालय महिला अध्यापिका को मीना सुगमकर्ता के रूप में नामित किया जाता है। मीना सुगमकर्ता को ३ दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। ये विद्यालय स्तर पर मीना मंच सक्रिय सहयोग प्रदान करती है। सुगमकर्ता मीना मंच की गतिविधियों का संचालन स्वयं नहीं करेगी बल्कि बालिकाओं को मार्गदर्शन देगी, जिससे बालिकाएं स्वयं के स्तर पर गतिविधियों का संचालन कर सके। महिला अध्यापिका की अनुपस्थिति में ही पुरुष अध्यापक को सुगमकर्ता का भार सौंपा जा सकेगा, किंतु पुरुष सुगमकर्ता होने की स्थिति में प्रत्येक 2 माह में आवश्यक रूप से किसी अध्यापिका या महिला अधिकारी या महिला कार्यकर्ता की विजिट विद्यालय में करानी होगी, जिससे की बालिकाएं विशेष मुद्दों पर खुलकर बात कर सके।

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